दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को काँग्रेस द्वारा दर्ज मानहानि के एक मामले में अर्नब गोस्वामी और रिपब्लिक टीवी को समन जारी किया। मामले में काँग्रेस का आरोप है कि चैनल ने प्रसारण में पार्टी का तुर्की में अंतरराष्ट्रीय कार्यालय होने का गलत दावा किया।
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया और केवल अस्थायी निषेधाज्ञा की मांग पर नोटिस जारी किया। अदालत ने कहा कि वाद को दर्ज किया जाए और प्रतिवादियों को समन सभी माध्यमों से भेजे जाएं। साथ ही 30 दिनों के भीतर लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया।
सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से पेश एडवोकेट मोहम्मद अली खान ने दलील दी कि कथित सामग्री लगातार उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा, “भले ही इसे गलत माना जाए, लोग अब भी इस पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे नुकसान जारी है।”
यह विवाद पिछले वर्ष मई में प्रसारित एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें तुर्की के इस्तांबुल कांग्रेस सेंटर को कांग्रेस पार्टी का अंतरराष्ट्रीय कार्यालय बताया गया। बाद में इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई, जिसमें अमित मालवीय का नाम भी शामिल था।
हालांकि, बाद में रिपब्लिक टीवी ने इस त्रुटि के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि तकनीकी गलती के कारण एक गलत तस्वीर का उपयोग हो गया, जिसका वास्तविक संदर्भ से कोई संबंध नहीं था। चैनल के अनुसार यह त्रुटि लाइव कार्यक्रम के बाद डिजिटल मंच पर हुई और जानकारी मिलते ही इसे सुधार लिया गया।
इससे पहले कर्नाटक हाइकोर्ट ने 22 मई, 2025 को इस मामले में दर्ज एफआईआर की आगे की जांच पर अंतरिम रोक लगाR थी। अब इस मानहानि मामले की अगली सुनवाई 19 मई को निर्धारित की गई।
(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और कानूनी मामलों के जानकार हैं।)